Death

बीजिरपो(श्राद्ध हेतु धान)- जिस परिवार के पास कफन खरीदने की भी क्षमता न हो, वहाँ इस धान को बेचकर कफन खरीदा जाता है|

समाचार पत्रों-पत्रिकाओं में समय-समय पर खबर छपती है – एक परिवार, पैसे की कमी के चलते अपने कांधे पर ढोकर अपने परिजन का अंतिम संस्कार को ले गया अथवा एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार के लिए कोई मद्दगार नहीं मिला तो बच्चे और महिलाएँ, पड़ोस के एक ठेले में लेकर गये आदि, आदि। इस तरह के समाचार से अलग-थलग अदिवासी कहे…Continue reading बीजिरपो(श्राद्ध हेतु धान)- जिस परिवार के पास कफन खरीदने की भी क्षमता न हो, वहाँ इस धान को बेचकर कफन खरीदा जाता है|

Karma Puja

क्या है सरना (sarna) धर्म ?

1. सरना (sarna) धर्म क्या है ? यह दूसरे धर्मों से किन मायनों में जुदा है ? इसका केन्द्रीय आदर्श और दर्शन क्या है ? 2. अक्सर इस तरह के सवाल पूछे जाते हैं। कई सवाल सचमुच जिज्ञाशा के पुट लिए होते हैं और कई बार इसे शरारती अंदाज में भी पूछा जाता है, कि गोया…Continue reading क्या है सरना (sarna) धर्म ?

Sanskrit Literature

संस्कृत, हिन्दी एवं कुँड़ुख़ (Kurukh) भाषा की ध्वनि (एक तुलनात्मक अध्ययन)

यद्यपि संस्कृत, हिन्दी एवं कुँड़ुख़ भाषा की ध्वनियों का तुलनात्मक अध्ययन एक जटिल विषय है तथापि इन भाषाओं में उच्चरित ध्वनियों एवं इन ध्वनियों को लिखने के तरीकों को वर्तमान तकनीक के आधार पर इसके गुण-दोषों को इस शीर्षक के माध्यम से प्रस्तुतिकरण का प्रयास है। A. संस्कृत भाषा एवं देवनागरी लिपि :- 1. संस्कृत में स्वर के…Continue reading संस्कृत, हिन्दी एवं कुँड़ुख़ (Kurukh) भाषा की ध्वनि (एक तुलनात्मक अध्ययन)

Eklavya

भाग 1: गुरूभक्त एकलव्य : एक महान आदिवासी (Tribal) नायक

(माननीय सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मार्कंडेय काटजू और जस्टिस ज्ञानसुधा मिश्रा की खंडपीठ द्वारा माह जनवरी 2011 में दिये गए एक अभूतपूर्व फैसले के पश्चात् महान आदिवासी जननायक, गुरूभक्त एकलव्य के स्मृति में गुरूभक्त कलव्य जयंती सप्ताह के अवसर पर समर्पित) एक कहावत है – ‘‘ईश्वर के घर देर है, अंधेर नहीं।’’ यह कहावत ‘‘एकलव्य’’ नाम…Continue reading भाग 1: गुरूभक्त एकलव्य : एक महान आदिवासी (Tribal) नायक

Education System

आदिवासी (Tribal) समाज और सरकार की मातृभाषा शिक्षा योजना

कहा जाता है – प्रत्येक आदिवासी समाज के पास उसकी अपनी विशिष्ट भाषा एवं संस्कृति है। पर क्या, आज के दौर में सभी आदिवासी समाज अपनी विशिष्ट पहचान को बरकरार रख पा रही है। यदि नही, तो क्यों ? यदि बचाया जाना चाहिए, तो कैसे ?

Eklavya

भाग 2: आदिवासी (Tribal) महानायक गुरूभक्त एकलव्य (अंगुठा कटने के बाद)

अकसरहाँ यह प्रश्न उठता है कि महाभारत ग्रंथ का गुरूभक्त एकलव्य का दायाँ अंगुठा दक्षिणा में दिये जाने के बाद का प्रसंग, महाभारत में कहीं भी नहीं आया है। क्या, महाभारत में गुरूभक्त एकलव्य का प्रसंग दलितों एवं आदिवासियों के उच्च कौशल को दबाये जाते रहने का द्योतक है? या फिर कुछ और ! एक ओर तो महाभारत…Continue reading भाग 2: आदिवासी (Tribal) महानायक गुरूभक्त एकलव्य (अंगुठा कटने के बाद)

आसारी पुजा /हरियनी पुजा/हरियरी पुजा

कुँड़ुख़ खोंड़हा नु बेड़ा सिरे धरमे, धरती अयंग अरा धरमी सवंग गही पुजा-धजा हुल्लो परिया तिम मनतेम बरआ लगी। कुँड़ख़र, आल उज्जना गे अरा कोड़े उज्जना गे धरमे सवंगन सुमरारनर अरा गोहरारनर। कुँड़ुख़ खोंड़हा ता मुद्ध परब – फग्गु, ख़द्दी, पच्चो करम, राःजी करम, सोहरई गुट्ठी तली। इबड़ा परब नु पुजा-धजा संग्गे ओनना-मोःख़ना, रिज्झ-रंग गुट्ठी मनी। पहेंस…Continue reading आसारी पुजा /हरियनी पुजा/हरियरी पुजा